Promotion of Art and culture of india
भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां हर तरह का मौसम , हर तरह के लोग आपको मिलेंगे और उनके अनुभव भी बहुत ही दिलचस्प मिलेंगे। भौगोलिक व सामाजिक रूप से बहुत - सी कहावतें प्रचलित हैं , जो कम शब्दों में बहुत ही गंभीर बात कह देेती हैं। ऐसी ही एक कहावत है ..... कोस - कोस में पानी बदले तीन कोस में वाणी अर्थात यहां एक कोस में पानी की तासीर बदल जाती है और तीन कोस में वाणी। इसलिए आपको भारत में न जाने कितनी भाषाएं व बोलियां मिल जाएंगी , जो उस क्षेत्र की पहचान भी होती हैं। इसी तरह भारत के अलग - अलग क्षेत्र में वहां की कुछ विशेषताएं भी बहुत प्रसिद्ध हैं। कहीं पर पीतल की कलाकारी मशहूर है तो कहीं पर बांस की .... कहीं पर बांसुरी तो कहीं पर चित्रकारी ... इन सब कलाओं को वहां के अनुभवी कलाकार अंजाम देते हैं। उन्होंने अपने पूर्वजों से वह कला सीखकर उसे अनवरत आगे बढ़ाया। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी हस्तांतरित किया। ग्लोबलाइजेशन व मशीनीकरण ने आज उपभोग व उत्पादकता तो बढ़ा दी है लेकिन इसकी प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से उन्हें बहुत हानि हुई है जो पारम्परिक कार्य से जुड...